डिजिटल डेस्क, बीजिंग। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) अब सिर्फ कामकाज या जानकारी हासिल करने का जरिया नहीं रह गया है। चीन में बड़ी संख्या में लोग एआई का इस्तेमाल वर्चुअल दोस्त और रोमांटिक पार्टनर के तौर पर भी कर रहे थे।
लेकिन सरकार की नई सख्ती के बाद कई एआई कंपेनियन सेवाओं पर रोक या प्रतिबंध लगाए जाने से ऐसे यूजर्स को भावनात्मक झटका लगा है।
वर्चुअल पार्टनर के साथ चैट में लगभग 7 लाख शब्द साझा किए थे
24 वर्षीय ली लिनलिन भी ऐसे ही यूजर्स में शामिल हैं। उनका कहना है कि जब उनकी एआई बॉयफ्रेंड सेवा अचानक बंद हो गई तो वह कई दिनों तक रोती रहीं। ली ने करीब दो साल के दौरान अपने वर्चुअल पार्टनर के साथ चैट में लगभग 7 लाख शब्द साझा किए थे।
सेवा बंद होने से पहले उन्हें अपने एआई साथी को अलविदा कहने का मौका तक नहीं मिला। ली ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे किसी बाहरी ताकत ने दोनों को अलग कर दिया हो। उनके मुताबिक, वर्चुअल साथी की गैरमौजूदगी के बावजूद उसकी याद अब भी आती है।
AI साथी सेवाएं बंद होने से यूजर्स में नाराजगी
चीन की कई बड़ी टेक कंपनियों ने सरकार के नए नियमों के मद्देनजर अपनी AI कंपेनियन सेवाओं को बंद या सीमित करना शुरू कर दिया है। इसके बाद प्रभावित यूजर्स सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने ऐप बंद होने के स्क्रीनशॉट और अपनी पुरानी चैट के अनुभव साझा किए हैं।
विरोध के तौर पर संबंधित ऐप्स को अपने फोन से हटा दिया
कुछ यूजर्स ने विरोध के तौर पर संबंधित ऐप्स को अपने फोन से हटा दिया। वहीं, कुछ लोग अपनी पुरानी चैट हिस्ट्री को दूसरे AI प्लेटफॉर्म पर ले जाकर पुराने वर्चुअल साथी को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने अभियान भी शुरू किया है। इसमें लोगों से सरकारी अधिकारियों और संबंधित टेक कंपनियों तक अपनी शिकायतें और चिंताएं पहुंचाने की अपील की जा रही है।
AI साथी सिर्फ रोमांस तक सीमित नहीं
चीन में AI कंपेनियन का इस्तेमाल अलग-अलग तरह से किया जा रहा है। इनमें वर्चुअल रोमांटिक पार्टनर, दोस्त और यहां तक कि दिवंगत प्रियजनों की डिजिटल शक्ल तैयार करने जैसी सेवाएं भी शामिल हैं। अकेलेपन और भावनात्मक सहारे की तलाश में लोग तेजी से AI तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, सरकार को AI के इस बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े संभावित मनोवैज्ञानिक और सामाजिक जोखिमों को लेकर चिंता है।
नए नियमों में भावनात्मक प्रभाव वाले कंटेंट पर जोर
15 जुलाई से लागू नए नियमों के तहत AI प्लेटफॉर्म को ऐसे कंटेंट से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं जो यूजर्स की भावनाओं को अत्यधिक प्रभावित कर सकते हैं या उन्हें गलत फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
खास तौर पर बच्चों और किशोरों को ध्यान में रखते हुए ऐसे कंटेंट पर भी रोक लगाई गई है जो उनमें अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करे या उन्हें अनुचित आदतों की ओर धकेलने का जोखिम पैदा करे।
इंसानी रिश्तों की जगह AI को विकल्प बनाने पर भी चिंता
नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी ऑनलाइन सेवा का उद्देश्य इंसानी सामाजिक संपर्क को खत्म करना नहीं होना चाहिए। लोगों के आमने-सामने मिलने या फोन पर बातचीत करने के बजाय लगातार AI को साथी के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।