नेपाल का बड़ा फैसला... 200 और 500 के भारतीय नोटों पर लगी रोक हटी, अब 25 हजार रुपये तक ले जा सकेंगे
नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब भारत और नेपाल के नागरिक 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए 200 और 500 रुपये के नए भा...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Jul 2026 02:59:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Jul 2026 02:59:03 PM (IST)
नेपाल का बड़ा फैसला... 200 और 500 के भारतीय नोटों पर लगी रोक हटीHighLights
- नेपाल ने 200 और 500 रुपये के भारतीय नोटों के इस्तेमाल पर हटाई रोक
- प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपये तक की भारतीय मुद्रा ले जाने की मिली इजाजत
- 2016 की नोटबंदी के बाद के नोट ही होंगे मान्य, पर्यटकों को मिलेगी राहत
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल सरकार ने भारतीय मुद्रा को लेकर जारी कड़े नियमों में बड़ी राहत दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब भारत और नेपाल के नागरिक 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए 200 और 500 रुपये के नए भारतीय नोट आसानी से सीमा पार ले जा सकेंगे।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने साथ अधिकतम 25,000 रुपये तक की भारतीय करेंसी नेपाल लाने या वहां से ले जाने की सीमा तय की गई है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच यात्रा करने वाले सैलानियों और व्यापारियों को करेंसी एक्सचेंज की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पुराने नोटों पर प्रतिबंध जारी, जानिए क्या हैं प्रमुख नियम
नेपाल राष्ट्र बैंक ने अपनी अधिसूचना में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं...
- 9 नवंबर 2016 के बाद के नोट ही मान्य: केवल नोटबंदी के बाद जारी नए डिजाइन वाले 200 और 500 रुपये के नोटों को स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2016 की नोटबंदी से पहले के सभी पुराने नोटों पर रोक पहले की तरह ही लागू रहेगी।
- तीसरे देश के लिए इस्तेमाल पर रोक: एनआरबी के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल के मुताबिक, यह सुविधा केवल भारत और नेपाल के बीच सीधी यात्रा के लिए है। किसी तीसरे देश से भारतीय रुपये नेपाल लाना या नेपाल से किसी तीसरे देश में ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
विदेशी मुद्रा संबंधी नियम: केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया है कि विदेशी पर्यटक या नेपाली नागरिक बिना किसी कस्टम घोषणा पत्र के 5,000 अमेरिकी डॉलर (या इसके बराबर अन्य विदेशी मुद्रा) नेपाल ला सकते हैं। इससे अधिक रकम होने पर सीमा पर डिक्लेरेशन देना अनिवार्य होगा। पर्यटन और सीमा पार व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ वहां आने वाले पर्यटकों का सबसे प्रमुख स्रोत भी है। वहीं, पढ़ाई, रोजगार और व्यापार के सिलसिले में लाखों नेपाली नागरिक भारत आते-जाते रहते हैं। वर्ष 2016 में भारत में हुई नोटबंदी के बाद नेपाल ने सुरक्षा और मौद्रिक कारणों से बड़े भारतीय नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। अब इस नए फैसले से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और आम यात्रियों को नकदी संकट से मुक्ति मिलेगी।
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