
डिजिटल डेस्क। पाकिस्तान में एक कंडोम ब्रांड का एडवर्टाइजमेंट इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त विवाद का कारण बन गया है। एक हॉरर फिल्म के संदर्भ का इस्तेमाल कर बनाए गए इस एडवर्टाइजमेंट को लोगों ने असंवेदनशील बताया। इसे कंसेंट जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक उड़ाने वाला भी कहा।
एडवर्टाइजमेंट सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। हजारों यूजर्स ने इसे तुरंत हटाने की मांग की।
एडवर्टाइजमेंट वायरल होते ही यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। किसी ने इसे 'बेहद घटिया मार्केटिंग' कहा, तो किसी ने लिखा कि इस तरह का रेफरेंस देखकर घिन आती है। कई लोगों का कहना था कि एक ऐसी फिल्म, जिसकी कहानी अस्वस्थ रिश्तों के खतरों को दिखाती है, उसे रोमांटिक तरीके से पेश करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।
आलोचकों का कहना है कि एडवर्टाइजमेंट ने एक ऐसी कहानी को प्रमोशन का हिस्सा बना दिया, जिसका मूल संदेश सहमति की कमी और जुनूनी व्यवहार के खतरनाक रिजल्ट पर आधारित था। एडवर्टाइजमेंट में जबरदस्ती और ऑब्सेशन जैसी भावनाओं को रोमांस की तरह दिखाने की कोशिश की गई।
इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मार्केटिंग और एडवर्टाइजमेंट की दुनिया में संवेदनशील विषयों का इस्तेमाल किस हद तक किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रचार अभियान में मनोरंजन और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, खासकर तब जब मामला कंसेंट और रिश्तों जैसे सामाजिक विषयों से जुड़ा हो।