शहबाज शरीफ की 'डिजिटल फजीहत'... ड्राफ्ट मैसेज पोस्ट कर फंसे पाक पीएम, अनपढ़ 'पहलवान' पर फूटा गुस्सा
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद इस्लामाबाद में शांति-वार्ता की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बड़ी कूटनीतिक जीत का जश्न मनाने के चक्कर म ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 15 Apr 2026 05:13:57 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Apr 2026 05:13:57 PM (IST)
शहबाज शरीफ की 'डिजिटल फजीहत'HighLights
- शहबाज शरीफ के आधिकारिक हैंडल से व्हाट्सएप ड्राफ्ट वाला मैसेज गलती से हुआ पोस्ट
- सहायक को प्रभावशाली संघीय मंत्री का संरक्षण प्राप्त होने के कारण मिली है यह बड़ी जिम्मेदारी
- कूटनीतिक संदेश के साथ आंतरिक निर्देश पोस्ट होने से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय किरकिरी
डिजिटल डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद इस्लामाबाद में शांति-वार्ता की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बड़ी कूटनीतिक जीत का जश्न मनाने के चक्कर में पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ का आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट मजाक का पात्र बन गया। दरअसल, शरीफ के हैंडल से सीजफायर को लेकर एक पोस्ट साझा किया गया, जिसमें व्हाट्सएप पर आए निर्देश (ड्राफ्ट) को भी बिना हटाए जस का तस पेस्ट कर दिया गया था।
सोशल मीडिया की चूक या कूटनीतिक लापरवाही?
प्रधानमंत्री के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए इस पोस्ट में वे आंतरिक निर्देश भी शामिल थे, जो आमतौर पर सोशल मीडिया टीम को कंटेंट पोस्ट करने के लिए दिए जाते हैं। इस गलती ने न केवल पाकिस्तान के डिजिटल प्रोटोकॉल की पोल खोल दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी धक्का पहुंचाया। विवाद बढ़ने के बाद हालांकि पोस्ट को ठीक किया गया, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे।
कौन है यह 'पहलवान'? अनुभवी पत्रकार का बड़ा खुलासा
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अबसार आलम ने इस शर्मिंदगी के लिए प्रधानमंत्री के एक पसंदीदा निजी सहायक को जिम्मेदार ठहराया है, जिसे 'पहलवान' के उपनाम से जाना जाता है। आलम के अनुसार 'पहलवान' के पास इस महत्वपूर्ण पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं है। उसे यह जिम्मेदारी केवल इसलिए मिली है क्योंकि उसे एक शक्तिशाली संघीय मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। आलम ने तंज कसते हुए कहा कि कम पढ़ा-लिखा होना अपराध नहीं है, लेकिन अपनी ड्यूटी के प्रति इतनी लापरवाही कि व्हाट्सएप पर मिले मैसेज का ड्राफ्ट तक डिलीट न किया जाए, अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति केवल किसी मंत्री का 'तोता' है।
चेहरा छिपाने की मिली सलाह
पत्रकार अबसार आलम के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय किरकिरी के बाद 'पहलवान' पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। फिलहाल उसे कुछ दिनों के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने न आने और अपना चेहरा छिपाकर रखने की सख्त हिदायत दी गई है।