
डिजिटल डेस्क, खार्तूम। सूडान में जारी आंतरिक संघर्ष ने एक बार फिर भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। दक्षिण दारफुर प्रांत के प्रमुख शहर न्याला में सोमवार शाम एक व्यस्त बाजार को निशाना बनाकर किए गए घातक ड्रोन हमले में भारी तबाही मची है, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में नागरिक जख्मी हुए हैं।
स्थानीय मानवाधिकार निगरानी संस्था 'इमरजेंसी लॉयर्स' तथा अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला न्याला के डुमाया उपनगर स्थित लोकप्रिय 'तानकोंग बाजार' में उस वक्त हुआ जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग खरीदारी और खान-पान में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि व्यस्त समय में बाजार के बीचों-बीच विस्फोटक गिराए गए, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।
न्याला वर्तमान में अर्धसैनिक संगठन 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (RSF) के कब्जे में है। आरएसएफ ने इस बर्बर हमले के लिए नियमित सूडानी सेना (SAF) को जिम्मेदार ठहराते हुए घटना की निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग उठाई है। दूसरी तरफ, 'दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन' के मुताबिक हताहतों में बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल हैं।
वैश्विक मानवीय संस्था 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (MSF) ने जानकारी दी कि हमले के तुरंत बाद न्याला स्थित उनके चिकित्सा केंद्र में 36 शव लाए गए, जबकि आपातकालीन वार्ड में 150 से अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। अधिकार समूहों का अनुमान है कि मृतकों और घायलों का कुल आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका है।
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सूडान में सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के बीच छिड़े सत्ता संघर्ष में दोनों पक्षों द्वारा विस्फोटक ड्रोनों का अंधाधुंध इस्तेमाल आम नागरिकों के लिए काल बन रहा है। हाल के दिनों में रिहायशी और व्यापारिक ठिकानों पर हवाई हमलों में तेजी आई है; इससे पूर्व विवादित अब्येई इलाके के एक बाजार में हुए ऐसे ही ड्रोन हमले में 150 से अधिक निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।