
वर्ल्ड डेस्क। अमेरिकी सरकार और एआई दिग्गज एंथ्रोपिक ने चीनी टेक कंपनियों के खिलाफ डेटा चोरी का एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने एक ग्लोबल अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि चीनी स्टार्टअप 'डीपसीक' (DeepSeek) सहित अन्य कंपनियां अमेरिकी एआई लैब से बड़े पैमाने पर डेटा चुराने की कोशिश कर रही हैं।
राजनयिकों को भेजे गए निर्देश के अनुसार, चीन पर अमेरिका के महंगे और शक्तिशाली एआई मॉडल्स को 'डिस्टिल' करने का आरोप है। 'डिस्टिलेशन' एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बड़े मॉडलों के आउटपुट का उपयोग करके छोटे मॉडलों को कम लागत में प्रशिक्षित किया जाता है। अमेरिका इसे बौद्धिक संपदा की चोरी और सुरक्षा के लिए खतरा मान रहा है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित एआई कंपनी 'एंथ्रोपिक' ने दावा किया है कि तीन प्रमुख चीनी कंपनियों- डीपसीक (DeepSeek), मूनशॉट एआई (Moonshot AI) और मिनीमैक्स (MiniMax) ने उसके 'क्लॉड' (Claude) चैटबॉट की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए औद्योगिक स्तर का अभियान चलाया।
एंथ्रोपिक के अनुसार, इन कंपनियों ने लगभग 24,000 फर्जी खातों के माध्यम से क्लॉड के साथ 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से अधिक बार संवाद किया। पहचान छिपाने के लिए प्रॉक्सी सेवाओं और समन्वित प्रॉम्ट्स का उपयोग किया गया। अकेले मूनशॉट एआई ने 34 लाख से अधिक इंटरैक्शन दर्ज किए। इस चोरी का मुख्य उद्देश्य कोडिंग, डेटा विश्लेषण, कंप्यूटर विजन और 'एजेंटिक रीजनिंग' (तर्क क्षमता) जैसी उन्नत तकनीकों में अपने मॉडल्स को बेहतर बनाना था।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर में टेक्नोलाजी की बड़ी छलांग: जेयू में तैयार हो रही हाईटेक AI लैब और मेगा ऑनलाइन एग्जाम सेंटर
हैरानी की बात यह है कि मूनशॉट एआई के संस्थापक जिलिन यांग ने हाल ही में एनवीडिया के 'GTC 2026' कार्यक्रम में शिरकत की थी। एंथ्रोपिक ने मेटाडेटा के जरिए इस चोरी का पता लगाया, जो मूनशॉट के वरिष्ठ कर्मचारियों की प्रोफाइल से मेल खाता था। अब यह मामला तकनीकी प्रतिद्वंद्विता से बढ़कर एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विवाद बन गया है।