अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स का परचम, बहुमत खोकर बैकफुट पर आए ट्रंप; जाहिर की अपनी अगली चाल
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस में बहुमत हासिल कर ट्रंप को बड़ा झटका दिया। हार मानकर ट्रंप ने महंगाई को जिम्मेदार ठहराते हुए वीटो इस्तेमाल करने के संकेत दिए।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 12:13:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 12:40:29 PM (IST)
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स का परचम। (एआई जनरेटेड)HighLights
- डेमोक्रेट्स ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत जीता।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका।
- 26 में से 17 गवर्नर सीटों पर डेमोक्रेट्स की जीत।
डिजिटल डेस्क। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। डेमोक्रेट्स ने सीनेट में 51 और प्रतिनिधि सभा में 218 का जादुई आंकड़ा पार कर ट्रंप प्रशासन के सामने मजबूत चुनौती खड़ी कर दी है। अब ट्रंप की ताकत बेहद सीमित हो गई है।
मध्यावधि चुनावों में सत्ताधारी दल को फिर मिली शिकस्त
अमेरिकी चुनावी इतिहास का रुख इस बार भी नहीं बदला। पिछले 21 मध्यावधि चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो 19 बार मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। इस सियासी सिलसिले को केवल 1998 में बिल क्लिंटन और 2002 में जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ही तोड़ पाए थे, जब उनके कार्यकाल के दौरान सत्ताधारी पार्टी ने जीत दर्ज की थी।
संसद के दोनों सदनों और गवर्नर सीटों का गणित
प्रतिनिधि सभा: सभी 435 सीटों पर हुए मतदान में डेमोक्रेटिक पार्टी 219 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 125 सीटों पर आगे चल रही है।
सीनेट: 100 में से 35 सीटों पर हुए चुनाव में 29 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें डेमोक्रेट्स ने 19 और रिपब्लिकन ने 10 सीटें जीती हैं, जबकि 6 सीटों पर गिनती जारी है। नए समीकरणों के बाद सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी की कुल ताकत 53 और रिपब्लिकन की 41 हो चुकी है।
गवर्नर चुनाव: 36 राज्यों में से 26 के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिनमें 17 राज्यों में डेमोक्रेट्स और 9 में रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया है। बाकी 10 राज्यों में मतगणना चल रही है।
ईरान तनाव और तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल: ट्रंप
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार मानते हुए कहा कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ तनाव और युद्ध जैसे हालात का सीधा असर मतदाताओं के मिजाज पर पड़ा है। देश में पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों को लेकर जनता में गहरी नाराजगी थी, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।
ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख दोहराते हुए कहा कि अमेरिका को कोई बड़ा कदम उठाना पड़ सकता है, जिसमें जोरदार हमला भी शामिल है। उन्होंने साफ किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। 'वीटो' बनेगा ट्रंप का हथियार
- ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है कि अगले दो साल तक सरकार चलाने में उनकी शक्तियां सीमित रहेंगी। डेमोक्रेट्स अब सदन में उनके फैसलों को रोक सकते हैं, लेकिन इस बीच ट्रंप ने आने वाले दो सालों के अपना सियासी रुख से भी पर्दा हटा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'VETO' लिखी लाल टोपी की तस्वीर साझा की।
- अमेरिकी संविधान के तहत राष्ट्रपति किसी भी विधेयक को कानून बनने से रोकने के लिए वीटो कर सकते हैं। हालांकि संसद दो-तिहाई बहुमत से राष्ट्रपति के वीटो को निरस्त कर सकती है, लेकिन डेमोक्रेट्स के पास इतना बड़ा आंकड़ा न होने के कारण ट्रंप अपनी इस शक्ति के सहारे विपक्षी विधेयकों पर अंकुश लगाए रखने में सक्षम रहेंगे।
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