'फुल प्रूफ प्लानिंग... हमने खोज निकाला', ईरान में गिरा अमेरिकी F-15E फाइटर जेट, ट्रंप ने बताया कैसे रेस्क्यू किया गया पायलट
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट F-15E को मार गिराया था। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 05 Apr 2026 10:45:02 AM (IST)Updated Date: Sun, 05 Apr 2026 10:55:16 AM (IST)
सैन्य इतिहास में पहली बार दो अलग-अलग सफल बचाव अभियान (फाइल फोटो)HighLights
- ईरान ने अमेरिका का F-15E फाइटर जेट मार गिराया
- लापता पायलट 'कर्नल' को पहाड़ों से सुरक्षित रेस्क्यू किया
- ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दी सफल ऑपरेशन की जानकारी
डिजिटल डेस्क: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान द्वारा मार गिराए गए अमेरिकी फाइटर जेट F-15E के लापता पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक बताया है। उन्होंने बताया कि जिस क्रू सदस्य को बचाया गया है, वह एक सम्मानित कर्नल हैं और अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ईरान के खतरनाक पहाड़ों में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी पायलट ईरान के दुर्गम और खतरनाक पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे फंसा हुआ था। ईरानी सैनिक लगातार उसका पीछा कर रहे थे और हर बीतते घंटे के साथ उसके करीब पहुंच रहे थे। इस नाजुक स्थिति में व्हाइट हाउस, युद्ध सचिव और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ 24 घंटे पायलट की लोकेशन पर नजर रख रहे थे।
ट्रंप ने बताया कि उनके निर्देश पर दर्जनों आधुनिक और घातक हथियारों से लैस विमानों को रेस्क्यू के लिए भेजा गया, जिन्होंने सफलतापूर्वक कर्नल को सुरक्षित निकाल लिया।
सैन्य इतिहास का 'चमत्कारी' पल
डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को 'चमत्कारी' करार देते हुए कहा कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके के काफी अंदर से दो अलग-अलग अभियानों के जरिए निकाला गया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा, "हम कभी भी अपने किसी योद्धा को पीछे नहीं छोड़ते।" इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
अभी भी जारी है अभियान का अंतिम चरण
भले ही पायलट को ढूंढ लिया गया है और वह सुरक्षित है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बचाव दल को अभी भी ईरान की भौगोलिक सीमा से पूरी तरह बाहर निकलना बाकी है। सुरक्षा कारणों से मिशन का अंतिम चरण अभी भी जारी है। दूसरी ओर, ईरान ने अभी तक पायलट के मिलने या इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। गौरतलब है कि ईरान ने इस पायलट को ढूंढने वाले के लिए इनाम की भी घोषणा की थी।
ट्रंप ने अंत में कहा कि यह क्षण पूरे अमेरिका के लिए गर्व का है और यह साबित करता है कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे पेशेवर और घातक सेना है।