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    ईरान-अमेरिका में तनाव चरम पर, अमेरिकी हमले में तबाह हुए पानी के जलाशय, 50 डिग्री गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे हजारों लोग

    ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमलों के बाद जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है।

    By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
    Publish Date: Thu, 11 Jun 2026 04:56:24 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jun 2026 04:56:24 PM (IST)
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    ईरान-अमेरिका में तनाव चरम पर, अमेरिकी हमले में तबाह हुए पानी के जलाशय, 50 डिग्री गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे हजारों लोग
    ईरान के दो प्रमुख जलाशयों को नुकसान पहुंचने का दावा(फोटो: सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. ईरान के दो प्रमुख जलाशयों को नुकसान पहुंचने का दावा
    2. 20 हजार घरों की पेयजल आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई
    3. डब्ल्यूएचओ ने गर्मी और जल संकट को लेकर जताई चिंता

    डिजिटल डेस्क। ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमलों के बाद जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, होर्मोजगान प्रांत के सीरिक क्षेत्र में स्थित दो प्रमुख पेयजल जलाशय हमले में क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे हजारों लोगों को अस्थायी रूप से पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।

    अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा

    रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई जिसमें ईरान ने ओमान तट के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप समेत जास्क और सीरिक क्षेत्रों में देर रात हमले किए।


    वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी

    ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि सीरिक के बेमानी जिले में 500 और 2000 घन मीटर क्षमता वाले दो जलाशय क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन जलाशयों के माध्यम से लगभग 20 हजार घरों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता था। हालांकि, साझा किए गए वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    हजारों लोग सुरक्षित पेयजल से वंचित हो गए

    स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद हजारों लोग सुरक्षित पेयजल से वंचित हो गए। क्षेत्र में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों के क्षतिग्रस्त होने से जल वितरण नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया और वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।

    हालांकि, बाद में सरकारी मीडिया ने दावा किया कि आपूर्ति व्यवस्था बहाल कर दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा पानी पहुंचाया जा रहा है।

    विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकती है

    इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की निदेशक हनान बाल्खी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल की कमी से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अत्यधिक गर्मी के बीच शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल प्रणालियां और अन्य नागरिक सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षित मानी जाती हैं और संघर्ष की परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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