बेरोजगार और बेघर, फिर भी हाथ में फेरारी! युवक ने सरकार को ऐसे लगाया 19 करोड़ का चूना
फेरारी जैसी लग्जरी कार खरीदना किसी आम आदमी के लिए एक सपने जैसा होता है। लेकिन फ्रांस में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक युवक, जो कागजों पर न केवल ब ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Feb 2026 02:55:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 02:55:38 PM (IST)
बेरोजगार और बेघर, फिर भी हाथ में फेरारी!HighLights
- बेरोजगार युवक 250 की रफ्तार से फेरारी चलाते पकड़ा गया
- सरकारी भत्ते के नाम पर परिवार ने किया ₹19 करोड़ का घोटाला
- कागजों पर बेघर, लेकिन हकीकत में जी रहे थे आलीशान जीवन
डिजिटल डेस्क। फेरारी जैसी लग्जरी कार खरीदना किसी आम आदमी के लिए एक सपने जैसा होता है। लेकिन फ्रांस में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक युवक, जो कागजों पर न केवल बेरोजगार है बल्कि बेघर भी है, वह 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लाल फेरारी दौड़ाता मिला। इस घटना ने फ्रांसीसी अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं।
ट्रैफिक सिग्नल पर खुला 'अमीरी' के पीछे का काला राज
फ्रांस की ट्रैफिक पुलिस ने जब एक चमकीली लाल फेरारी पोटोफिनो को तेज रफ्तार के कारण रोका, तो उन्हें लगा कि कोई रईस व्यक्ति गाड़ी चला रहा होगा। लेकिन जब ड्राइवर की जांच की गई, तो सरकारी रिकॉर्ड में वह 'बेघर और बेरोजगार' निकला। पूछताछ के दौरान युवक ने दावा किया कि उसका परिवार सरकारी भत्ते (Welfare Funds) पर गुजारा करता है।
मां की कार और रीयल एस्टेट का कनेक्शन
युवक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहा कि यह कार उसकी मां की है। हालांकि, जांच में पता चला कि यह कार एक रियल एस्टेट कंपनी के नाम पर दर्ज थी। यह पूरा परिवार एक तरफ तो आलीशान जिंदगी जी रहा था, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में खुद को दिवालिया और गरीब दिखाकर सालों से सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा रहा था।
19 करोड़ का सरकारी गबन, पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस जांच में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। युवक और उसके परिवार ने सामाजिक लाभ और भत्ते के नाम पर सरकार से कुल 21 लाख डॉलर (लगभग 19 करोड़ रुपये) का गबन किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की और परिवार को गिरफ्तार कर लिया।