दुबई का नया चमत्कार... 3D प्रिंटिंग से बनेगा दुनिया का पहला लग्जरी विला, 6 महीने का काम 2 हफ्ते में होगा पूरा
अपनी गगनचुंबी इमारतों और आधुनिक वास्तुकला के लिए मशहूर दुबई अब निर्माण जगत में एक और क्रांति लाने जा रहा है। यहां दुनिया का पहला ऐसा लग्जरी विला तैयार ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 12 Feb 2026 05:18:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 12 Feb 2026 05:18:17 PM (IST)
दुबई का नया चमत्कार... 3D प्रिंटिंग से बनेगा दुनिया का पहला लग्जरी विलाHighLights
- दुबई में रोबोटिक 3D प्रिंटिंग से बन रहा पहला लग्जरी विला
- 6 महीने का कठिन निर्माण कार्य सिर्फ 2 हफ्तों में होगा खत्म
- बिना मानवीय श्रम के रोबोटिक आर्म से तैयार होंगी दीवारें
डिजिटल डेस्क। अपनी गगनचुंबी इमारतों और आधुनिक वास्तुकला के लिए मशहूर दुबई अब निर्माण जगत में एक और क्रांति लाने जा रहा है। यहां दुनिया का पहला ऐसा लग्जरी विला तैयार किया जा रहा है, जिसे पारंपरिक मजदूरों के बजाय रोबोटिक 3D प्रिंटिंग तकनीक से बनाया जाएगा। 'मिडिल ईस्ट कंपोजिट्स' कंपनी के नेतृत्व में चल रहा यह प्रोजेक्ट निर्माण के भविष्य को पूरी तरह बदलने वाला है।
दुबई '3D प्रिंटिंग स्ट्रैटजी 2030' का हिस्सा
यह विला दुबई सरकार की दूरगामी योजना '3D प्रिंटिंग स्ट्रैटजी 2030' के तहत बनाया जा रहा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य में लगने वाले समय को 80 प्रतिशत तक कम करना और मैन्युअल श्रम पर निर्भरता को खत्म करना है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने से भविष्य में आलीशान घर बनाना न केवल तेज होगा, बल्कि अधिक सटीक भी होगा।
24 घंटे काम करने वाली 'रोबोटिक आर्म'
इस निर्माण कार्य की कमान 'काउच' (Kauch) नाम की एक 3-एक्सिस रोबोटिक आर्म के पास है। इसकी विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं...
- 360 डिग्री रोटेशन: यह मशीन चारों ओर घूमकर बिना किसी रुकावट के काम कर सकती है।
- स्मार्ट प्रिंटिंग: कंप्यूटर से प्राप्त डेटा के आधार पर यह रोबोट सीधे कंक्रीट की परतें बिछाकर दीवारें खड़ी करता है।
- स्पेशल कंक्रीट: इसमें 'प्रिंटिंग मोर्टार' का उपयोग होता है, जो हवा के संपर्क में आते ही तेजी से सूख जाता है। इससे जटिल और घुमावदार दीवारें बिना किसी सहारे के बनाई जा सकती हैं।
समय और श्रम की भारी बचत
तकनीक का सबसे बड़ा फायदा इसकी रफ्तार है। जहां पारंपरिक तरीके से एक लग्जरी विला का ढांचा तैयार करने में कम से कम 6 महीने का समय लगता था, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक से यह काम सिर्फ 14 दिनों (2 हफ्तों) में पूरा किया जा रहा है। डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग के कारण निर्माण प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित हो गई है और रोबोट के 24 घंटे काम करने की क्षमता ने इसे और भी आसान बना दिया है।
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